हल्द्वानी अतिक्रमण फ़ैसला Haldwani Land Eviction

Haldwani Land Eviction: बीते 20 दिसंबर को उत्तराखंड हाईकोर्ट ने बनभूलपुरा क्षेत्र के लगभग दो किलोमीटर क्षेत्र में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे को हटाने के आदेश दिए थे जिसपर आज सुप्रीम कोर्ट (Suprime Court) ने 1 महीने का स्टे लगा दिया है। SC का कहना है कि 50 हजार लोगों को रातों रात बेघर नहीं कर सकते। हल्द्वानी (Haldwani) में 4200 परिवार के 50 हजार सदस्य को इस आदेश के बाद राहत मिल गई है। बता दें कोर्ट की अगली सुनवाई 7 फरवरी को होगी। 

हल्द्वानी रेलवे से अतिक्रमण हटाने का तरीका उचित नहीं

सुप्रीम कोर्ट जस्टिस संजय किशन और एएस ओका की बेंच ने कहा कि हमने कारवाई पर रोक नहीं लगाई है बल्कि हाईकोर्ट के निर्देश पर रोक लगाई है। कोर्ट ने रेलवे से अतिक्रमण हटाने के तरीके को अस्वीकार कर विवादित भूमि पर किसी भी तरह का निर्माण कार्य और विकास पर रोक लगा दी है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह आदेश इसलिए दिया गया है क्योंकि इस मुद्दे पर मानवीय दृष्टिकोण भी शामिल है इसलिए जिस भूमि पर प्रभावित लोग दसकों से रह रहे हैं उनके लिए पहले पुनर्वास की व्यवस्था की जानी चाहिए।

यह है अतिक्रमण का पूरा मामला

दरअसल उच्च न्यायालय के आदेश के बाद रेलवे ने बनभूलपुरा की गफूर बस्ती, ढोलक बस्ती और इंदरा नगर समेत 2.2 किलोमीटर जमीन पर अवेध कब्जा करके बैठे लोगों को जगह ख़ाली करने का नोटिस दिया था। रेलवे ने दावा किया है कि उनके पास जमीन के नक्शे, 1959 का नोटिफिकेशन, 1971 का रिकार्ड समेत 2017 की सर्व रिपोर्ट भी मौजूद है।